तुम्हारे शहर में

बर्बाद हुए है बहुत इस हसीन चाह में

गांव से शहर आते इस रोशनी के पहर में

क़ीमती है सब कुछ और क़ीमत बता नहीं सकते

बड़े दिनों बाद आये है हम तुम्हारे शहर में,


प्यारी थी जितनी वो कल की शामें

खूबसूरत है आज भी तुम्हारी वो आँखें

सुनने को आखिर आज तुम्हारी बातें

बड़े दिनों बाद आये है हम तुम्हारे शहर में,


कुछ खुशबू कुछ आहटें कहती है

नज़रो में तुम्हारे बस बारिशे रहती है

ज़मीन भीग रही है बादलो के कहर से

बड़े दिनों बाद आये है हम तुम्हारे शहर में,


नगमा है एक छोटा सा फिर भी समय नहीं है

चले आये है यहां और जाना कही नहीं है

ठहर जाये थोड़ा सा फिर आगे के लिए

कहीं यही ना रह जाये हम तुम्हारे शहर में।

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