मेरा आसमां तुमसे बहुत बड़ा है

बेजुबान सी झीले, एहसान तले धुआं धुआं है
अनसुनी बातों का बेरहमी से कतल हुआ है
हर तरफ शोर और तन्हाईयां ने कहा है
मेरा आसमां तुमसे बहुत बडा है

कहा ना गया कभी तो सूना किसने है
जब मै रोया नहीं तो चुप सहा किसने है?
मुझे मिला या बिछड़ा छोटी बात है
इस दलदल मे पानी भरा किसने है?

समझते नही हम दुश्मन किसी को
अपना बन कर भी आया कौन है!
साथ खड़े कुछ मेरे लेकिन
पिछे चल रहा ये सायां कौन हैं?

दुख भी है खुशियों के बीच
कीचड़ में नीला पानी भरा है
जैसे फूल अपनी ज़मीन में अडा है
मेरा आसमां भी तुमसे उतना ही बड़ा है


ख्वाहिशें कुछ कह दी तो 
बाकियों ने अंदर ही दम तोड़ा है 
तुमको पाना ही नहीं था
नहीं तो छोड़ने लिए ये जहान बहूुत छोटा है

किताब के पीले पन्नों में कुछ शब्द दबे हुए हैं
कहीं पुरानी किताबों पर गंदे फटे कवर चढ़े हुए हैं
हिम्मत ही नहीं हुई कभी देखने की
कि इस किताब में लिखा क्या है

चल रहे हैं कदम बिना मंजिल के 
सपने बुन रहे हैं हम बिना हासिल किए 
कुछ कर जाने की चाह में अपनों का हाथ बढ़ा है 
मेरा आसमां तुमसे बहुत बड़ा है। 

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